रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने #Rafale की उड़ान पूरी की

दिल्ली, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने राफेल की पूजा के बाद विमान में उड़ान भरने जा रहे हैं। मंगलवार को यहां फ्रांस के राष्ट्रपति एमेनुअल मैक्रों (Emmanuel Macron) से मुलाकात की तथा दोनों देशों के रक्षा एवं रणनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाने के बारे में चर्चा की।

भारतीय वायुसेना ने फ्रांस से राफेल लड़ाकू जेट की खरीद की है। फ्रांस द्वारा पहले राफेल को आधिकारिक रूप से सौंपे जाने के कार्यक्रम के तहत सिंह सोमवार को फ्रांस आए। फ्रांस के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एलिसी पैलेस में उनसे मुलाकात के दौरान सिंह ने फ्रांस को भारत का ‘महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार’ बताया।

Live Updates:

– रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राफेल विमान में उड़ान भरने वाले हैं

– फ्रांस ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को राफेल विमान सौंपा

-राजनाथ सिंह ने कहा- राफेल सौदे से भारत और फ्रांस के रिश्ते मजबूत होंगे

रक्षा मंत्रालय ने इस मुलाकात को ‘बहुत गर्मजोशी से भरी और फलदायी’ बताया। बैठक करीब 35 मिनट चली। इसके बाद मंत्रालय की ओर से बयान जारी किया गया। इसमें कहा गया, ‘यह बैठक दर्शाती है कि भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय साझेदारी कितनी गहरी है, खासकर रक्षा क्षेत्र में और हाल के वर्षों में यह उल्लेखनीय रूप से सु²ढ़ हुई है। दोनों नेताओं ने इन संबंधों को नयी ऊंचाइयों पर पहुंचाने का संकल्प लिया।’

इसमें कहा गया, ‘दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और प्रगाढ़ बनाने और मेक इन इंडिया पहल को समर्थन देने के लिए सिंह ने राष्ट्रपति मैक्रों का आभार व्यक्त किया।’ उन्होंने फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति जाक शिराक के निधन पर भारत सरकार की ओर से शोक व्यक्त किया। फ्रांस आए मंत्री स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल रक्षा सचिव अजय कुमार ने कहा, ‘फ्रांस के साथ हमारे बहु-आयामी संबंध हैं और संबंध सभी मोर्चों पर आगे बढ़ रहे हैं। आज की बातचीत दोनों देशों के बीच व्यापक रक्षा चर्चा का हिस्सा है।’

मैक्रों से मुलाकात से पहले सिंह ने फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ले के साथ बैठक की। इस बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति के रक्षा सलाहकार एडमिरल बरनर्ड रोजेल भी मौजूद थे। सिंह अब मैरिग्नेक जाएंगे जो दक्षिण-पश्चिमी नगर बोरडॉक्स का उप नगर है। यहां सिंह राफेल की निर्माता कंपनी दसॉल्ट एविएशन के प्रतिष्ठान का दौरा करेंगे। इसके बाद पहले राफेल लड़ाकू जेट के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। भारत में दशहरे के दिन पारंपरिक रूप से शस्त्र पूजा की जाती है। यहां भी शस्त्र पूजा की व्यवस्था की गई है।



उल्लेखनीय है कि आज वायुसेना का 87वां स्थापना दिवस भी है। सिंह ने ट्वीट किया, ‘वायुसेना र्किमयों और उनके परिवारों को 87वें वायुसेना दिवस की शुभकामनाएं।’ इसमें उन्होंने कहा, ‘भारतीय वायुसेना अभूतपूर्व पराक्रम, धैर्य, दृढ़ निश्चय तथा राष्ट्र की उत्तम सेवा का चमकता उदाहरण है। नीली वार्दी वाले ये कर्मी आसमान छूने में सक्षम हैं।’ राफेल सौंपे जाने के कार्यक्रम में मंत्री शस्त्र पूजा करेंगे। इसके बाद वह राफेल जेट में यात्रा करेंगे। नए विमान के सामने नारियल तोड़ा जाएगा।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘ विजयादशमी के उपलक्ष्य में वह शस्त्र पूजा करेंगे और राफेल लड़ाकू विमान में थोड़ी देर की उड़ान भी भरेंगे।’ कार्यक्रम में फ्रांस के शीर्ष सैन्य अधिकारी और दसॉल्ट एविएशन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। भारत ने सितंबर 2016 में फ्रांस से 59,000 करोड़ रुपए में 36 राफेल लड़ाकू जेट का सौदा किया था। हालांकि राफेल सौंपने का आधिकारिक समारोह इस हफ्ते हो रहा है लेकिन राफेल विमानों की पहली खेप मई 2020 में ही मिल पाएगी।सभी 36 विमान सितंबर 2022 तक भारत को मिल जाएंगे।