भूलकर भी न करें ये 4 काम, नहीं तो सूर्यदेव हो जाएंगे रुष्ट

दिल्ली, हर भगवान का हिंदू धर्म (Hindu Religion) में काफी महत्व है जैसे भगवान शिव (Lord Shiva) अपने भक्तों को अच्छे पति या पत्नी का वरदान देते हैं, मां लक्ष्मी (Goddess Lakshmi) धन का वरदान देती है, हनुमान जी (Lord Hanuman) ज्यादा बलशाली का वरदान देते हैं और भगवान विष्णु (Lord Vishnu) सुख समृद्धि का वरदान देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं सूर्यदेव (God Suryadev) की पूजा से कौन-सा वरदान प्राप्त होता है, अगर नहीं तो आज हम आपको अपनी इस खबर के माध्यम से बताएंगे।

दरअसल, सूर्यदेव की पूजा से अच्छी शिक्षा का वरदान प्राप्त होता है। यदि कोई बच्चा या फिर बड़ा पढ़ाई में कमजोर है वे सूर्यदेव (God Suryadev) की पूजा से अच्छी शिक्षा का वरदान प्राप्त कर सकता है। इसके लिए जरूरी है कि सूर्यदेव की सही तरीके और विधिपूर्वक ढ़ंग से पूजा की जाए।

अगर शिक्षा से संबंधित कोई भी बाधा उत्पन्न हो रही हो तो वह सूर्यदेव की पूजा से अच्छी शिक्षा और बेहतर करियर (Carrer) का लाभ उठा सकता है। सूर्यदेव की कृपा पाने के लिए बेहद जरूरी है कि इन बातों का विशेष ध्यान रखा जाए।आइए जानते हैं कि, कैसे कमजोर शिक्षा के लिए सूर्यदेव की सही ढ़ंग से पूजा अर्चना करना चाहिए।



1) सूर्यदेव तेज और बुद्धिमान के स्वामि हैं। इसलिए जब भी उनकी पूजा की जाए तो जरूरी है कि समय से पहले उठकर नाह धो कर उन्हें अर्घ्य दिया जाए। ऐसा करने से सूर्यदेव प्रसन्न होंगे और शिक्षा में वृद्धि होगी।

2) सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए जरूरी है कि हमेशा अपने पिता का आदर करें। यदि आप अपने पिता का अपमान करते हैं तो सूर्यदेव आप पर भारी हो सकते हैं और उनकी कृपा से आप वंचित हो जाएंगे।

3) पढ़ाई करते वक्त घर में अंधेरा होने से सूर्यदेव आपकी बुद्धि को कमजोर कर देते हैं। कहते हैं कि सूर्य से ऊर्जा और तेज दोनों उत्पन्न होता है और अगर पढ़ाई करते वक्त अंधेरा हो तो इससे आपके दिमाग कमजोर होता है साथ ही मानसिक विकास रूक जाता है। तो जरूरी है कि पढ़ाई करते समय हमेशा उजाला रहे।

4) अगर आप लेटकर या सोकर पढ़ाई करते हैं तो इससे सूर्यदेव रूष्ट हो जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि लेटकर या सोकर पढ़ने से आप विद्या का अपमान कर रहे हैं यानी की सूर्य देव का अपमान कर रहे हैं। बेहतर यही है कि कभी भी लेटकर या सोकर पढ़ाई नहीं करनी चाहिए, इससे शिक्षा का विकास रूक जाता है।